16 November 2005 · by santosh
अभी कुछ दिनों पहले सोच रहा था कि OT-2 खतम होने के बाद, छात्र जीवन का कितना सा हिस्सा शेष रह जायेगा…मात्र २-३ महीने में पूरी दुनिया बदलने वाली है…वो हास्टल की मस्ती,दोस्तों से ‘बकर’, क्लास की नींद, सब कुछ पीछे छूट जायेगा…
IIFM जिन्दगी का कितना अहम हिस्सा बन गया है, इसका अहसास अभी तब हुआ जब मैं करीब एक महीने तक चार राज्यों की खाक छानने के बाद,उदयपुर वापसी के समय एक दिन (८-१० घन्टे)के लिये भोपाल रुका…was just feeling like home coming…दोस्तों से मिला(जिनकी OT भोपाल में ही थी), मेस का नाश्ता और खाना भी बहुत अच्छा लगा…
खैर , अभी OT का अन्तिम चरण चल रह है..२-३ दिन गुजरात और जाना है और फिर रिपोर्ट लिखनी है…५ दिसम्बर को फिर मिलेंगे IIFM में…अलविदा…:)